Whiskey songs and company

"दारू का नशा जब हल्का-हल्का सा होता है, तभी अच्छा लगता है; जैसे दुनिया मधुर सी लगती है, जैसे मैं झूम सा रहा हूँ, जैसे एक नदी की धारा में बहा जा रहा हूँ और चिंता मुक्त हूँ। और जब व्हिस्की के साथ अच्छा सा साथी हो और अच्छे से गीत और ग़ज़ल का दौर हो, तो उसका मज़ा ही कुछ और होता है। आखिर ऐसा क्यों है? शायद हम ऐसी ज़िंदगी जी रहे हैं जिससे हमें ही घिन आती है और हम एक छुटकारा सा चाहते हैं।

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